1 अक्टूबर को 1 घंटे श्रमदान कर बापू को 'स्वच्छांजलि' देगा उत्तर प्रदेश*
By Ajab, 04:42:30 PM | September 29

1 अक्टूबर को 1 घंटे श्रमदान कर बापू को 'स्वच्छांजलि' देगा उत्तर प्रदेश*
*जनसहयोग से साकार होगी प्रधानमंत्री जी की 'कचरा मुक्त भारत' की परिकल्पना: मुख्यमंत्री*
*'स्वच्छांजलि' के लिए सभी नगरीय निकायों, ग्राम पंचायतों, क्षेत्र पंचायतों, जिला पंचायतों की शनिवार को होगी विशेष बैठक*
*1 अक्टूबर को बेसिक व माध्यमिक विद्यालयों के बच्चे प्रभातफेरी निकाल कर देंगे 'स्वच्छता ही सेवा' का संदेश: मुख्यमंत्री*
*राष्ट्रपिता गांधी की 154वीं जयंती पर सफलतापूर्वक जारी है 154 घंटे का विशेष स्वच्छता अभियान*
*मुख्यमंत्री का निर्देश, प्रतिबंधित पॉलीथिन के बारे में जनजागरूकता के साथ हो इंफोर्समेंट की भी कार्यवाही*
*श्रमदान में जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों, गैर सरकारी संगठनों, सामाजिक, सांस्कृतिक संगठनों, स्वयं सहायता समूहों, आरडब्ल्यूए, नागरिक संगठनों की हो सहभागिता: मुख्यमंत्री*
● मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 154वीं जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों से बापू को 'स्वच्छांजलि' देने का आह्वान किया है। शुक्रवार को एक उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री जी ने 1 अक्टूबर को 1 घंटे के स्वच्छता श्रमदान कार्यक्रम के लिए तैयारियों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए...
● राष्ट्र को स्वच्छता का संदेश देने वाले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 154वीं जयंती के अवसर पर 'स्वच्छता ही सेवा' पखवाड़ा के तहत समस्त नगरीय निकायों में 154 घंटे का सफाई अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान की सफलता में स्वच्छ सारथी क्लब को विकसित कर विश्ववविद्यालयों/विद्यालयों में कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है। नगर के चौराहों, बस स्टॉप की साफ-सफाई की जा रही है। इस महत्वपूर्ण अभियान में जनसहभागिता को बढ़ाया जाना चाहिए।
● आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के 'कचरा मुक्त भारत' की परिकल्पना को साकार रूप देने के क्रम में आगामी 01 अक्टूबर को प्रत्येक प्रदेशवासी 01 घंटे के स्वच्छता श्रमदान में सहभागिता करे। हमारा यह सामूहिक प्रयास राष्ट्रपिता बापू को उनकी जयंती की पूर्व संध्या पर 'स्वच्छांजलि' होगी। हर प्रदेशवासी अपने आप-पास के परिवेश में साफ-सफाई सुनिश्चित करने के लिए श्रमदान अवश्य करे। 01 अक्टूबर को 01 घंटा श्रमदान के इस कार्यक्रम से जोड़ने के लिए जनजागरूकता का प्रसार किया जाए।
● 01 अक्टूबर को 01 घंटे के स्वच्छता श्रमदान के लिए सभी नगरीय निकायों और ग्राम पंचायतों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। श्रमदान की सफलता के लिए शनिवार 30 सितम्बर को प्रदेश के सभी नगरीय निकायों, ग्राम पंचायतों, क्षेत्र पंचायतों, जिला पंचायतों की विशेष बैठक आहूत कर श्रमदान कार्यक्रम के लिए प्रस्ताव पारित किया जाए। अपने क्षेत्र में 01 अक्टूबर के कार्यक्रम के लिए स्थान चिन्हांकन सहित सभी आवश्यक तैयारियां कर ली जाएं।
● 01 अक्टूबर को 01 घंटे के श्रमदान कार्यक्रम अंतर्गत सभी बेसिक व माध्यमिक विद्यालयों के बच्चों की प्रभातफेरी निकाली जाए। प्रभातफेरी के उपरांत बच्चे और स्कूल शिक्षक विद्यालय परिसर की साफ- सफाई का दायित्व निर्वहन करें। बच्चों के लिए मिष्ठान्न आदि की व्यवस्था भी की जाए।
● श्रमदान हम सभी का नागरिक कर्तव्य है। हमारा प्रदेश स्वच्छ हो, हम सभी स्वस्थ रहें, इसके लिए हमें स्वच्छता को अपनी आदत बनानी होगी। श्रमदान के इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों, गैर सरकारी संगठनों, सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों, स्वयं सहायता समूहों, आरडब्ल्यूए, नागरिक संगठनों की सहभागिता होनी चाहिए। सभी जनपदीय नोडल अधिकारी इस दिवस को अपने प्रभार वाले जनपद में उपस्थित रहेंगे। 02 अक्टूबर को महात्मा गांधी के जयन्ती के दिन स्वच्छ्ता कर्मियों का सार्वजनिक सम्मान किया जाए।
● श्रमदान के लिए ऐतिहासिक, धार्मिक महत्व के स्थल, नदी किनारे घाट, गार्बेज वर्नलेबल पॉइंट, खाली प्लॉट, बस स्टेशन, सड़क किनारे की पटरियों, कूड़े का ढेर वाले स्थलों का चयन किया जाना चाहिए। अस्पतालों के समीप बायोमेडिकल वेस्ट के डिस्पोजल, सार्वजनिक शौचालयों की साफ-सफाई आदि भी की जानी चाहिए। हर श्रमदान से संबंधित विवरण/सेल्फी आदि https://swachhatahiseva.com/ पर अपलोड किया जाना चाहिए।
● स्वच्छता श्रमदान के इस अभियान की सफलता इसकी निरंतरता में ही निहित है। आगामी दिनों में माँ दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन होगा, छठ पूजा का कार्यक्रम है। इसलिए स्वच्छता का यह क्रम अनवरत जारी रखा जाना चाहिए।
● शहरी कचरे का एक बड़ा भाग हानिकारक प्लास्टिक का है। इसका उपयोग न करने के लिए जनजागरूकता बढ़ाने के प्रयासों के साथ-साथ अब इंफोर्समेंट की कार्यवाही भी की जाए। प्रतिबंधित पॉलिथीन के इस्तेमाल पर कड़ाई से रोक लगाई जाए।
[29/09, 3:31 pm] PR Kshitiz Pandey: *57 जनपदों में स्थापित होंगे अत्याधुनिक सुविधा युक्त मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय, 12वीं तक होगी पढ़ाई: मुख्यमंत्री*
*अटल आवासीय विद्यालयों के बाद प्रदेश के बच्चों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक और उपहार*
*5-10 एकड़ का होगा 'मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय' परिसर, मुख्यमंत्री का निर्देश चिन्हित करें भूमि*
*बेसिक व माध्यमिक शिक्षा क्षेत्र में बड़े बदलाव के लिए मुख्यमंत्री ने की बैठक, लिए कई बड़े निर्णय*
*मुख्यमंत्री का निर्देश, कम्पोजिट विद्यालयों को मुख्यमंत्री अभ्युदय कम्पोजिट विद्यालय के रूप में करें उच्चीकृत, 26 लाख छात्र-छात्राएं होंगे लाभान्वित*
*पीएम श्री के तहत चयनित विद्यालयों में शीघ्र पूरा करें निर्माण कार्य: मुख्यमंत्री*
*250 श्रेष्ठ परिषदीय कम्पोजिट विद्यालयों का उच्चीकरण भी होगा, लैंग्वेज लैब, स्मार्ट क्लास, सुरक्षा कर्मी, मॉड्यूलर साइंस लैब, रोबोटिक्स व मशीन लर्निंग लैब आदि की होगी सुविधा*
● श्रमिकों के पाल्यों और निराश्रित बच्चों की गुणवत्तापरक शिक्षा के लिए 'अटल आवासीय विद्यालयों' की स्थापना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने प्रदेश के 57 जनपदों में सर्वसुविधायुक्त 'मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों' की स्थापना तथा सभी 75 जनपदों में एक-एक कम्पोजिट विद्यालय को मुख्यमंत्री अभ्युदय कम्पोजिट विद्यालय के रूप में उच्चीकृत करने का निर्णय लिया है। शुक्रवार को एक उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री जी ने इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए 'पीएम श्री' विद्यालयों के विकास योजना की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में मुख्यमंत्री जी के प्रमुख दिशा-निर्देश....
● 18 मंडलों में अटल आवासीय विद्यालयों का संचालन प्रारंभ हो चुका है। अब हमें प्री-प्राईमरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के लिए हर जनपद में एक सर्वसुविधायुक्त विद्यालयों की स्थापना की दिशा में आगे बढ़ना होगा। अटल आवासीय विद्यालयों से आच्छादित जनपदों के अतिरिक्त शेष 57 जनपदों में एक-एक 'मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय' की स्थापना की तैयारी करें।
● 'मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय' का परिसर 5-10 एकड़ का हो। इसके लिए संबंधित जनपदों में भूमि का चिन्हांकन यथाशीघ्र पूरा कर लें। प्रारंभिक रूप में यहां हर कक्षा के लिए न्यूनतम 3 सेक्शन की व्यवस्था हो। विद्यालय परिसर में प्रधानाचार्य, शिक्षक संवर्ग व अन्य स्टाफ के लिए आवासीय सुविधा हो।
● विद्यालय में विश्वस्तरीय अवस्थापना सुविधाएं मुहैया कराई जाए। प्रत्येक कक्षाकक्ष हेतु स्मार्ट क्लास हो। रोबोटिक्स व मशीन लर्निंग सेंटर हो। कक्षा-01 से 08 हेतु कम्पोजिट विज्ञान व गणित प्रयोगशाला, कक्षा-09 से 12 हेतु रसायन, भौतिकी विज्ञान हेतु माड्यूलर प्रयोगशाला, कम्प्यूटर लैब एवं लैंग्वेज लैब, कक्षा-01 से 8 एवं कक्षा-09 से 12 हेतु पृथक-पृथक पुस्तकालय, विशाल खेल का मैदान व ओपन जिम के साथ मल्टीपल एक्टीविटी हॉल, सोलर पैनल एवं वर्षा जल संचयन इकाई की स्थापना, वॉटर प्लान्ट, मिड-डे-मील किचन व डायनिंग हॉल, वॉशिंग एरिया, मल्टीपल हैण्डवाशिंग यूनिट की एकीकृत व्यवस्था, आधुनिक अग्नि शमन यंत्र एवं ऑनलाइन सीसीटीवी कैमरों की सुविधा से लैस बनाया जाए।
● आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा बेसिक शिक्षा में व्यापक सुधार के उद्देश्य से 'पीएम श्री (प्रधानमंत्री स्कूल्स फ़ॉर राइजिंग इंडिया) योजना की घोषणा की गई है। योजना अंतर्गत भारत सरकार के सहयोग से प्रदेश के 1725 शासकीय विद्यालयों का चयन किया गया है। प्रथम चरण में विकास के लिए चयनित 272 प्राथमिक परिषदीय विद्यालय और 570 कम्पोजिट परिषदीय विद्यालय और 82 माध्यमिक विद्यालय भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी आवश्यक निर्माण कार्य आगामी दिसंबर तक पूरा करा लिया जाए।
● पीएम श्री के अंतर्गत राष्ट्रीय शिक्षा नीति के सिद्धांतों के अनुरूप चरणबद्ध रूप से इन विद्यालयों में अल्ट्रा मॉडर्न तकनीकी व डिजिटल शिक्षा व्यवस्था का विकास किया जाना है। इन विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, आइसीटी लैब, लैंग्वेज लैब, विज्ञान प्रयोगशाला, अटल टिंकरिंग लैब स्थापित होंगे, साथ ही सोलर पैनल, एलईडी लाइटिंग, ऊर्जा कुशल संसाधन, पोषण वाटिका, वेस्ट मैनेजमेंट, जल संरक्षण आदि के माध्यम से इन्हें ग्रीन स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा। स्किल हब सेंटर का विकास होगा। इससे प्रदेश के बच्चों को अच्छी सुविधा सुलभ कराने में बड़ी सहायता मिलेगी।
● प्रदेश में संचालित 24 हजार कंपोजिट विद्यालयों (प्री प्राइमरी से कक्षा 08) से 75 विद्यालयों का चयन कर उन्हें मुख्यमंत्री अभ्युदय कम्पोजिट विद्यालय के रूप में चरणबद्ध रूप से उच्चीकृत किया जाए। इन मुख्यमंत्री अभ्युदय विद्यालयों में 05 कक्षा-कक्षों से युक्त अभ्युदय ब्लॉक, मिड डे मील शेड, बाल वाटिका, पोषण वाटिका, सुरक्षाकर्मी की तैनाती, बाल सुलभ फर्नीचर, मॉड्यूलर डेस्क बेंच, वाई-फाई व सीसीटीवी की सुविधा हो। इन विद्यालयों के लिए पूर्व से कार्यरत शिक्षकों में से उत्कृष्ट शिक्षकों का प्रमाणिकता आधारित तैनाती की जाए। चयन के लिए कम्प्यूटर आधारित टेस्ट किया जाना चाहिए। यहां लर्निंग बाई डूइंग मॉडल के माध्यम से बच्चों के मध्य कौशल व उद्यमिता विकास के अवसर उपलब्ध हों। इससे 26 लाख छात्र-छात्राएं लाभान्वित होंगे।
● प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में अवस्थापना सुविधाएं उपलब्ध कराने में सीएसआर अथवा जनप्रतिनिधियों द्वारा प्राप्त सहायता उपयोगी सिद्ध हुई है। यद्यपि अब भी कई विद्यालयों के लिए विशेष प्रयास किया जाना आवश्यक है। शासन स्तर से ऐसे 250 श्रेष्ठ परिषदीय कम्पोजिट विद्यालयों का उच्चीकरण किया जाए। इन्हें लैंग्वेज लैब, स्मार्ट क्लास, सुरक्षा कर्मी, मॉड्यूलर साइंस लैब, रोबोटिक्स व मशीन लर्निंग लैब आदि की सुविधा से युक्त बनाया जाए। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में इसका क्रियान्वयन व अनुश्रवण किया जाए।
● अंतर्राज्यीय/अंतरराष्ट्रीय मार्गों के निकट अवस्थित विद्यालयों का उच्चीकरण कराया जाना चाहिए। इसके अतिरिक्त, प्राकृतिक आपदा से दुष्प्रभवित विद्यालयों तथा अविद्युतीकृत विद्यालयों में विद्युत संयोजन का कार्य कराया जाए।