रेउसा/सीतापुर सेउता विधायक ज्ञान तिवारी के संकल्प चार साल चार धाम के क्रम में अपनी विधान सभा क्षेत्र के हजारों भक्तों के साथ चार धामों में से एक तमिनाडु प्रदेश 'के सागर तट पर स्थित रामेश्वरम धाम स्थित पौराणिक लक्ष्मण कुंड के सामने वर्थनी महल में आयोजित सप्त दिवसीय श्री मद भागवत कथा के तृतीय दिवस के अवसर पर कथा व्यास महा मण्डलेश्वर श्री श्री राघव दास महराज जी नेसृष्टि की रचना के प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि पृथ्वी को पाताल लोक से लाने के लिए श्री हरि विष्णु ने वराह अवतार लिया। सबसे पहले भगवान श्री हरि विष्णु की नाभि से कमल के फूल पर बैठे ब्रह्मा जी की उत्पत्ति हुई। भगवान श्री हरि के आदेश के अनुसार ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना की। मनु और शतरूपा से पांच संतान दो पुत्र और तीन कन्या हुईं। एक व्यक्ति पृथ्वी को पाताल पुरी ले गया। पृथ्वी को वापस लाने के लिए भगवान श्री हरि विष्णु ने वराह अवतार लिया। उन्होंने विस्तार से सती चरित्र की कथा सुनाई कथा व्यास ने कहा कि भागवत कथा का प्रत्येक प्रसंग मानव जाति को संदेश देता है । पूर्व जन्म के सद्कर्मो के चलते ही कथा सुनने का अवसर प्राप्त होता है । इस पवित्र संकल्प के माध्यम से क्षेत्र के हजारों श्रद्धालुओं ने रामेश्वरम पहुंच कर समुद्र स्नान 22 कूप के पवित्र जल से स्नान एवं रामनाथ भगवान के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे है साथ ही श्रद्धालु आस पास के तीर्थों का भी दर्शन भी कर रहे है ।