रेउसा/सीतापुर शारदीय नवरात्र में नौ दिवस तक मां भगवती का पूजन-अर्चन करने के बाद श्रद्धालुओं ने शनिवार को प्रतिमाएं नदी में विसर्जित कीं। जगह-जगह स्थापित मां के विभिन्न स्वरूपों में स्थापित मां भगवती की प्रतिमाओं की शोभा यात्राएं निकाली गईं। मां के जयकारों के साथ अबीर-गुलाल उड़ाते हुए श्रद्धालु मां के भजनों पर जमकर थिरके भी। नदी पर पहुंचकर श्रद्धालुओं ने विधि विधान से उनका विसर्जन किया। शोभा यात्रा में देवी प्रतिमाओं के साथ ग्रामीण अपनी शैली में नृत्य करने के साथ ही मां के जयकारे लगा रहे थे। सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रॉली व अन्य चौपहिया वाहनों की विसर्जन यात्रा करीब पांच किमी लंबी थी। अटल चौक स्थित हनुमान मन्दिर परिसर में आयोजित नवरात्र महोत्सव की प्रतिभाओ का विसर्जन चहलारी घाट पर किया गया साथ ही क्षेत्र के गंगापुरवा, जंगल टपरी, ठेकेदार पुरवा, रामीपुर गोडवा, खानी हुसेनपुर, लालपुर, रामीपुर कोण्डर विसर्जन शोभायात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था सामान्य रही किन्तु इसके बाद में भीड़ बढ़ जाने के कारण चहलारी घाट पर बडे वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित कर दिया गया। प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए प्रशासन ने नावों आदि की व्यवस्था भी की गई थी भक्तों मे गजब का उत्साह देखने को मिला साथ ही विजयादशमी के पर्व पर क्षेत्र के महेशपुर टापर स्थित त्यागी महराज की कुटी पर रावण कुम्भकर्ण के पुतलों के दहन का भी आयोजन किया गया। विसर्जन के लिए रेउसा महमूदाबाद मार्ग पर स्थित चौका नदी के चन्दौली घाट पर सैकडों मूर्तियों का विसर्जन किया गया। जहाँ बड्डुपुर तक मूर्तियों का आगमन हुआ पुलिस प्रसासन पूरी तरह मुस्तैद रहा।