दोपहर में खाना खाने के बाद नींद आने के कुछ कारण
By Har Govind Singh, 01:28:00 PM | April 08

सम्भल:-नींद भी एक अजीब समस्या है जब कमाए तब लोग बीमार हो जाते हैं तथा जब ज्यादा आए तब भी एक समस्या पैदा हो जाती है डॉक्टरों का मानना है कि अच्छी सेहत के लिए 7 से 8 घंटे की नींद लेना पर्याप्त है सात से आठ घंटों की नींद लेने के बाद भी दोपहर में नींद आ रही है तब अलर्ट होने की जरूरत है गर्मी की दोपहर में स्थिति बुरी हो जाती है जैसे ही आपने खाना खाया 15 से 20 मिनट बाद नींद आनी शुरू हो जाती है घर पर तो आप झप्पी ले सकते हैं लेकिन ऑफिस जाने वालों का क्या ऐसे में ऑफिस में लोग कभी चाय काफी से तो कभी भागकर नींद भगाने की कोशिश करते हैं साथ ही यह समझने की जरूरत है कि दोपहर में नींद आने से हमारे शरीर को कितना फायदा और नुकसान है।
*एनर्जी रीस्टोर:-शरीर और दिमाग को रिचार्ज करने के लिए नींद जरूरी है सोने की वजह से हमारी एनर्जी रीस्टोर हो जाती है और हम दोबारा नई ऊर्जा के साथ काम कर सकते हैं।
*ग्रोथ हार्मोन:-शरीर की ग्रोथ रात में होती है रिसर्च के मुताबिक जो बच्चे कम सोते हैं उनकी हाइट कम होती है हर बॉडी पार्ट को आराम की जरूरत होती है इसलिए रात में सोने का समय तय होना चाहिए।
*मेमोरी कंसल्टेशन:-याददाश्त बनाए रखने के लिए नींद बहुत जरूरी है इसलिए पढ़ाई करने वाले बच्चों को दोपहर में थोड़ी देर और रात को टाइम से सोने की सलाह दी जाती है ताकि जितना भी वह दिन भर सीखते हैं उसे लंबे समय तक याद रख सके।
डॉक्टर्स का कहना है कि अगर कोई व्यक्ति 6 घंटे से कम नींद ले रहा है तो इससे शरीर धीरे-धीरे बीमार हो सकता है उन्हें कई बीमारियों का खतरा हो सकता है जैसे-
*डायबिटीज
*हाई बीपी
*हार्ट अटैक
*स्ट्रोक
*कैंसर
कुछ अपवाद ओं को छोड़कर जैसे आप कोई दवा खा रहे हो डॉक्टर ने आपको सोने की सलाह दी हो रात में ट्रेवल कर के आए हो नींद किसी वजह से पूरी न हुई हो तो आप सो सकते हैं एक हेल्थी व्यक्ति के लिए दोपहर में 15 से 20 मिनट की नींद यानी झपकी लेना अच्छा होता है इससे ज्यादा नींद लेना अन हेल्थी हो सकता है।
जब भी आप खाना खाते हैं वह आपके घट में जाता है ब्लड भी डाइजेशन के लिए घट में जाता है इस प्रोसेस की वजह से आलस आता है लंच टाइम तक ज्यादातर लोग कुछ घंटे काम कर चुके होते हैं इसकी वजह से मन करता है कि थोड़ा आराम कर ले रात में नींद पूरी नहीं होती तो आपको दिन में सुस्ती लगेगी और नींद आएगी रिसर्च कहती है कि 7 परसेंट लोग रात में अच्छी नींद नहीं ले पा रहे हैं इस वजह से वह दिन में सो रहे हैं दोपहर में खाना खाने के बाद नींद आने की वजह आए ली और भारी फूड हो सकता है।
अगर आपको 8 घंटे की नींद लेनी है तो आप ऐसा नहीं कर सकते कि आधी नींद रात में और बाकी बची नींद दोपहर में पूरी करें इससे स्लीपिंग पैटर्न डिस्टर्ब हो जाता है।
थायराइड के पेशेंट को रात में पसीना आता है और बार-बार यूरिन लगती है जिसकी वजह से नींद नहीं पूरी हो पाती और दोपहर में नींद आती है इसी तरह एनीमिया में हीमोग्लोबिन की कमी से फिजिकल एक्टिविटी में थकान और डिसेबिलिटी होती है ऐसे लोग सामान्य से ज्यादा सोते हैं तथा हार्मोन के डिसबैलेंस से खाना खाने के बाद कभी-कभी सेरोटोनिन तेजी से बढ़ने लगता है जिससे सोने का मन करता है तथा पानी की कमी के कारण शरीर में पानी की कमी के चलते भी हर वक्त नींद आती रहती है इससे आप दिनभर थकान फिर करते हैं और उबासी लेते रहते हैं तथा कुछ दवाइयों की वजह से भी नींद और लजीनेस होने लगती है ऐसी कुछ दवाई जब आप खाते हैं तो यह आपके माइंड को स्लो कर देती हैं जिससे नींद आने लगती है क्योंकि इन दबाव में निकोटिन होता है डायबिटीज के मरीज को पूरी नींद लेने के बाद भी थकान लगती रहती है और बहुत नींद आती है ऐसे पेशेंट के शरीर में कार्बोहाइड्रेट सही तरह से ब्रेक नहीं होता इस वजह से खाने से मिलने वाली एलर्जी शरीर को पूरी तरह से नहीं मिलती इससे भी ज्यादा नींद आती है।
अगर त्रिप्टो फैन नाम के अमीनो एसिड से भरपूर खाना खाते हैं तो इससे नींद आ सकती है ट्रिप तो फैन कई प्रोटीन युक्त खाने की चीजों में पाया जाता है जैसे पनीर अंडा आदि।
असल में पैंक्रियाज यानी अग्न्याशय ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने के लिए इंसुलिन का प्रोडक्शन करता है ऐसे में खाना जितना भारी होगा इंसुलिन का प्रोडक्शन उतना ही ज्यादा होगा जिससे ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है इंसुलिन स्लिप हार्मोन को बनाता है इससे दिमाग में सेरोटोनिन और मेलाटोनिन चेंज होता है जिसकी वजह से नींद आने लगती है।
सेरोटोनिन हैप्पी हार्मोन है यह सिर्फ मूड ही नहीं बल्कि नींद भूख और याददाश्त को भी कंट्रोल करता है तथा मेलाटोनिन हार्मोन से आपको अच्छी नींद आती है यह सप्लीमेंट के रूप में भी मिलता है जो नींद से जुड़ी प्रॉब्लम को ठीक करता है।
नींद भगाने के लिए चाय काफी कैफ़ीन प्रोडक्ट लेना गलत होता है ज्यादा कैसीन लेने से बेचैनी फैटी लीवर हाई बीपी माइग्रेन समेत कई बीमारियां हो सकती हैं इससे बचने के लिए आप खाने-पीने के और भी दूसरे ऑप्शन ले सकते हैं।
हाई फाइबर फूड लंच मेले तथा चावल और ऑइली फूड न खाएं नारियल पानी जूस आदि पीते रहे सलाद और फ्रूट जरूर ले।
स्लीपिंग पेटर्न को लेकर आम तौर पर कुछ लोग का मन गलतियां करते हैं जैसे रोजाना रात में 8 घंटे से कम नींद लेना लोगों का काम ऑफिस से घर आने लगा है इस वजह से देर रात तक काम करते हैं बच्चों के साथ ऐसा ही कुछ है वह भी देर रात तक पढ़ते हैं देर रात तक पार्टियों का काम सैप्ड बड़ा है सोशल होने के लिए वह भी जरूरी है सोशल मीडिया पर रात के कुछ घंटे गुजारने की आदत हो गई है परंतु दिल्ली की आदत एक दिन में ही चेंज नहीं होती है कई बार इसे कंट्रोल करने से सिर दर्द भी होने लगता है ऐसे में दोपहर में खाना खाने के बाद थोड़ा यानी सो कदम पहले उसके बाद आप कुछ देर की यानी 10 से 30 मिनट की नींद ले सकते हैं फिर धीरे-धीरे यह आदत बदल जाएगी
दोपहर का खाना खाकर तुरंत सोने से कई बीमारियां हो सकती हैं जैसे एप्पल यानी इनडाइजेशन इरिटेबल बाउल सिंड्रोम मोटापा एसिडिटी आदि।