आदरणीय अशोक वार्ष्णेय जी ने गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में शिक्षक व गैर शिक्षक कर्मचारी व छात्रों को स्वस्थ जीवन शैली विषय पर संबोधित किया
By Har Govind Singh, 11:49:19 AM | May 01

ग्रेटर नोएडा:-आज दिनांक 30 अप्रैल 2024, दिन मंगलवार को आदरणीय अशोक वार्ष्णेय जी , राष्ट्रीय संगठन सचिव,आरोग्य भारती ने गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय
के बायोटेक विभाग के सभागार में विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षक गण ,गैर शिक्षक कर्मचारी तथा युवा विद्यार्थियों को "स्वस्थ जीवन शैली" विषय पर संबोधित किया।
नीरज कौशिक ने सम्मानित अतिथि का परिचय करवाते हुए बताया कि भाई साहब बाल्य काल ( 1965 ) से स्वयंसेवक हैं । 1979 में अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय से Biochemistry विषय में M. Sc. किया। 1986 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय से इसी विषय में D. Phil. ( Ph. D.) किया। शोध करने के साथ साथ एक वर्ष तक अध्यापन कार्य भी किया।1986 से अनवरत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक के रूप में हैं। उत्तर प्रदेश के बड़े महानगरों ( प्रयागराज,लखनऊ, कानपुर ) में महानगर एवं विभाग प्रचारक के रूप में कार्य किया।15 वर्षों तक प्रांत प्रचारक रहे, जिसमें 10 वर्ष झारखण्ड प्रान्त एवं 5 वर्ष कानपुर प्रान्त में रहे। 2012 से स्वास्थ्य क्षेत्र के संगठन आरोग्य भारती में राष्ट्रीय संगठन सचिव हैं। मार्च 2021 से आयुष मंत्रालय, भारत सरकार की सलाहकार समिति के सदस्य है।भोपाल को केंद्र बनाकर सम्पूर्ण देश में प्रवास करते हैं तथा भारतवर्ष में स्वास्थ्य संवर्धन की चेतना का अलख जगाते हैं।
आदरणीय भाई साहब ने अपने संबोधन में युवाओं को समय की महत्व बताई तथा स्वस्थ जीवन के आधार स्वरूप अनुशासित जीवन व्यायाम तथा भोजन संबंधी अनेक उदाहरण देकर स्वास्थ्य की समसामयिक समस्याओं से निवारण हेतु सुझाव दिए।
आदरणीय भाई साहब ने बताया कि पद् वेश के घर्षण के स्थान से भी व्यक्ति के व्यक्तित्व के बारे में बताया जा सकता है। उन्होंने प्राचीन भारतीय ऋषि मुनियों द्वारा स्थापित पतंजलि योगसूत्र व योग वशिष्ठ व अन्य ग्रंथों का वर्णन करते हुए सभी साथियों को स्वस्थ शरीर से स्वस्थ मन और स्वस्थ्य कर्मों तक के मार्ग की ओर प्रेरित किया।
आदरणीय भाई साहब ने अयोध्या में घटित एक संस्मरण से युवाओं को प्रातः काल सूर्य रश्मियों के ग्रहण करने से होने वाले लाभ के बारे में अवगत करवाया। उन्हें उन्होंने बताया कि इससे विटामिन ए और डी विटामिन की कभी कोई समस्या आपके जीवन भर उपस्थित नहीं होगी।
आदरणीय भाई साहब ने स्वामी विवेकानंद जी के जीवन का विदेश यात्रा से पूर्व उनकी माता द्वारा ली गई परीक्षा का एक वृतांत बताकर विद्यार्थियों को समाज में सार्थक योगदान के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने अपने संबोधन में बायोलॉजी आफ बिलीफ नमक एक पुस्तक के बारे में बताते हुए कहा के आध्यात्मिक स्वास्थ्य भी आपके जीवन में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होता है।अतः सभी समाज के वर्गों को विशेष कर विद्यार्थियों को अनुशासित जीवन जीने का प्रयास करना चाहिए।
आदरणीय डॉ. विश्वास त्रिपाठी जी, कुल सचिव ,गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय ने युवाओं को उनके विभाग बायोटेक से संबंधित कुछ अनुप्रयोगों द्वारा स्वास्थ्य के सुधार में सहायक जानकारियां दी। उन्होंने अवगत करवाया कि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ,नई दिल्ली, में भी मंत्र शक्ति विशेष कर ॐ ध्वनि के द्वारा स्वास्थ्य लाभ पर विभिन्न सफल प्रयोग किए गए हैं।
इस कार्यक्रम में समाज के कुछ अति विशिष्ट व्यक्ति जैसे डॉ विश्वास त्रिपाठी कुलसचिव गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, प्रोफेसर संजय कुमार शर्मा जी ,अधिष्ठाता ,सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी विद्यालय ,गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय ,डॉ. राज तायल ,क्षेत्रीय संयोजक ,आरोग्य भारती, इंजीनियर विनोद जैन ,क्षेत्रीय सहसंयोजक, आरोग्य भारती, आदरणीय अभय त्यागी जी ,प्रांत संयोजक पर्यावरण, आरोग्य भारती ,आदरणीया जिज्ञासा जी, प्रांत अध्यक्षा ,हिंदू वाहिनी,डॉ. विकास पंवार,गणित विभाग ,गौतम बुध विश्वविद्यालय,श्री ब्रजमोहन जी ,जिला प्रचारक ,राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ,श्री दीपक जी, जिला घोष टोली ,राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ , आदरणीय राकेश आर्य जी तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों का सानिध्य प्राप्त हुआ।
आदरणीय राकेश आर्य जी ने स्वलिखित पुस्तक व पंचांग आदरणीय भाई साहब को भेंट किए।
डॉ विश्वास त्रिपाठी कुलसचिव गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, ने आदरणीय अशोक वार्ष्णेय जी का आभार प्रकट किया तथा आशा व्यक्ति की के भविष्य में भी भाई साहब का आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन विश्वविद्यालय को प्राप्त होता रहेगा।
इस कार्यक्रम का कोऑर्डिनेशन डॉ. नागेंद्र, अध्यक्ष बायोटेक विभाग तथा मंच संचालन गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के सूचना एवम संचार प्रौद्योगिकी विभाग के शिक्षक नीरज कौशिक द्वारा किया गया।
अंत में राष्ट्रगान के पश्चात कार्यक्रम का विधिवत समापन किया गया।