उत्तर प्रदेश शासन द्वारा खेती में यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए तीन अहम योजनाओं को मंजूरी दे दी है इसके लिए अपर मुख्य सचिव कृषि डॉ देवेश चतुर्वेदी ने कृषि निर्देशक को पत्र जारी करते हुए प्रक्रिया शुरू करने को कहा है वर्ष 2023 के लिए सबमिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन योजना प्रमोशन आफ एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन फॉर इन सीटू मैनेजमेंट क्रॉप रेसिड्यू योजना एवं कृषि यंत्रीकरण के लिए मंजूरी दे दी गई है इन सभी योजनाओं में किसानों को ₹10000 से लेकर ₹1500000 तक के कृषि यंत्र खरीदने पर छूट दी जाएगी छूट 40 से 80% तक होगी विभाग द्वारा इसकी पूरी कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
जो यंत्र स्वचालित नहीं है उनमें जीपीएस की अनिवार्यता नहीं है लेकिन ट्रैक्टर कंबाइन हार्वेस्टर पावर टिलर पावर वीडर self-propelled रिपर रीपर कम बाइंडर राइस ट्रांसप्लांटर आदि ऐसे यंत्रों को ही इस योजना में खरीद करने को कहा गया है जिसमें जीपीएस सुविधा लगी हो साथ ही उसका डाटा भी सुरक्षित रखा जाएगा।
सबमिशन ऑन एग्रीकल्चर योजना में एक ऐसा सेंटर बनाया जाएगा जिसमें ₹1000000 तक के यंत्र ले सकते हैं इसमें एक ट्रैक्टर या दो तीन यंत्र ले सकते हैं इसमें 40% की छूट यानी ₹400000 की छूट दी जाएगी। तथा फार्म मशीनरी बैंक अब केवल एपीओ को ही दी जाएगी प्रमोशन आफ एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन फॉर इन सीटू मैनेजमेंट क्रॉप रेसिड्यू योजना में मुख्य रूप से फार्म मशीनरी बैंक बनाए जाएंगे फसल प्रबंधन करने वाले यंत्र भी इसमें दिए जा सकते हैं यह प्रोजेक्ट 1500000 रुपए का है इसमें 80% की छूट दी जाएगी पहले एक लाभार्थी को भी छूट मिलती थी पर अब केवल अपनों को ही फार्म मशीनरी बैंक पर छूट मिलेगी।
₹10000 से अधिक अनुदान वाले सभी कृषि यंत्र कृषि रक्षा उपकरण कस्टम हायरिंग सेंटर हाइटेक हब फॉर कस्टम हायरिंग सेंटर फार्म मशीनरी बैंक ट्रेकिंग फ्लोर एवं स्मॉल गोदाम आदि सभी के लिए लाभार्थी का चयन आई लॉटरी से होगा।