अपराधियो पर हो पुलिस की सरपरस्ती तो क्यों न घटित हो अपराध-चर्चा?
By Rajan Kumar, 05:31:46 PM | July 01

जब अपराधियो पर हो पुलिस की सरपरस्ती तो क्यों न घटित हो अपराध-चर्चा?
लहरपुर कोतवाली क्षेत्र बना अपराध का गढ़,अपराधी लग रहे महफूज अपराधों में हुई भारी बढ़ोत्तरी
लहरपुर (सीतापुर) "सैंया भए कोतवाल तो डर काहे का" यही कहावत चरितार्थ हो रही है आजकल कोतवाली लहरपुर में। जब से नवागत कोतवाली प्रभारी राजीव सिंह ने लहरपुर कोतवाली का चार्ज संभाला है तबसे पूरे क्षेत्र में मानो अपराधों की बाढ़ सी आ गई है। छोटी मोटी चोरी मारपीट की बात नहीं, गंभीर मारपीट, हत्या के प्रयास से लेकर गुमशुदगी और छेड़खानी तक पूरे क्षेत्र में अपराधों की भरमार हो रही है और स्थानीय कोतवाली पुलिस पूरी तरह से किंकर्तव्यविमूढ़ होकर केवल अवैध वसूली में मस्त है।
पूरे क्षेत्र में अवैध लकड़ी कटान, अवैध मिट्टी और बालू का खनन, ओवरलोडिंग के नाम पर पुलिस के द्वारा पिकेट के माध्यम से की जा रही अवैध वसूली कभी भी देखी जा सकती है। सट्टे और स्मैक का कारोबार भी जमकर चल रहा है। अगर घटनाओं पर नजर डालें तो बीती 13 मई को लालपुर गल्ला मंडी के निकट एक व्यक्ति का संदिग्ध शव बरामद हुआ परिजनों ने हत्या का आरोप भी लगाया किन्तु कोतवाली पुलिस आज तक हवा में तीर चला रही है।
इसी दिन कोतवाली क्षेत्र के मतुआ सौरैया मैं पूरी का विरोध करने पर चोरों ने पीड़िता के छप्पर में आग लगा दी और पुलिस ने तहरीर लेने से ज्यादा कुछ नहीं किया। अगले दिन 14 मई को क्षेत्र के ग्राम नवीनगर में ससुराल में रह रहे एक व्यक्ति की संदिग्ध मौत हो गई, परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया किन्तु खुलासा अब तक नहीं हो पाया। 16 मई को उमरिया में दो पक्षों में मारपीट हो गई, हवा में नंगी बंदूक लहराने व पत्थर चलने का वीडियो भी वायरल हुआ लेकिन सूत्रों की माने तो पुलिस ने ले-देकर निपटा दिया।
17 मई को भदफर में दबंगों ने जमीनी विवाद में एक दंपति को जमकर पीटा और 19 मई को कस्बे के कटरा मोहल्ले में दहेज लोभियों ने एक विवाहिता को पीटकर घर से निकाला लेकिन पुलिस ने कोई भी कार्रवाई करना उचित नहीं समझा। 21 मई को कुली मोहम्मदपुर, नारेपुरवा में जमकर मारपीट हुई, 5 लोग घायल हुए। 29 मई को बहिया बहरामपुर में लाखों की चोरी हुई जिसका आज तक खुलासा नहीं हो पाया।
3 जून को गंगादीन पुरवा में पूर्व प्रधान की जमकर पिटाई हुई, 4 लोग घायल हुए। वहीं 8 जून को एक नामित सभासद की भतीजी की कच्ची शराब लेने जाने पर हुई पिटाई से मौत हो गई, परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया, लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात ही रहा। इसी दिन कस्बे के मोहल्ला बारादरी में गोंडा निवासी एक विवाहिता को ससुराली जनों ने जमकर पीटा, लेकिन पुलिस ने मामले को "गोंडा लेकर जाओ" कह कर अपना पल्ला झाड़ लिया। 9 जून को भदफर में शौच के लिए गई महिला को दबंगों ने जमकर पीटा और जमीनी विवाद को लेकर उसके पति की भी पिटाई की।
यही नहीं 11 जून को क्षेत्र के चंदेसुआ गांव मे एक विवाहिता को ससुरालीजनों ने मौत के घाट उतार दिया और 13 जून को चंदवासोत गांव में एक शव मिला, वही 15 जून को जनता इंटर कॉलेज लालपुर के प्रधानाध्यापक की प्रबंधक ने चप्पलों से पिटाई कर दी और 17 जून को एक पूर्व प्रधान पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला किया गया। इसी दिन परसिया अढ़मलपुर में दो पक्षों में जमकर मारपीट हो गई लेकिन पुलिस के कान पर जूं नहीं रेंगी। 18 जून को गणेशपुर खान वेल्डिंग मैं 130000 की चोरी हुई और इसी दिन महजीदिया मंदिर में भी चोरों ने अपना हाथ साफ किया, लेकिन पुलिस आज तक इसका खुलासा नहीं कर पाई।
21 जून को अकबरपुर में एक होमगार्ड का लड़का गायब हो गया। इसी दिन नगर कस्बे की चौकी के ठीक सामने स्थित मंदिर से चोरों ने मंदिर का घंटा व दान पेटी चुराई लेकिन लोगों के द्वारा देख कर पहचान लिए जाने पर इस चोरी का खुलासा हो गया। 22 जून को लच्छननगर में चुनावी रंजिश को लेकर एक व्यक्ति की जमकर पिटाई कर दी गई और 24 जून को अकैचनपुर में गल्ला लेने गए युवक की पिटाई का मामला सामने आया।
यही नहीं सूत्रों की माने तो कोतवाली प्रभारी अपराध को छुपाने के लिए अपराध को दर्ज न करने की शैली पर काम करते नजर आते हैं जिससे बढ़ते आपराधिक ग्राफ के दबाव से बचा जा सके। कुल मिलाकर अपराध और अपराधियों पर नियंत्रण की जिस मंशा के साथ लहरपुर कोतवाली की कमान इं० राजीव सिंह के हाथों में थमाई गई थी, उसमें सफलता मिलती नहीं दिख रही है।
अब देखना यह है कि नवागत पुलिस अधीक्षक धुले सुशील चंद्रभान द्वारा अपराध और अपराधियों पर नियंत्रण के लिए उठाए जा रहे कठोर कदम लहरपुर कोतवाली को कितना सुधार पाते हैं। यह तो भविष्य ही बताएगा।