भारत के सबसे शक्तिशाली निवास का नाम पंचवटी है
पंचवटी, नई दिल्ली के लोक कल्याण मार्ग पर स्थित एक आवास है, जो वर्ष १९९० से भारतीय प्रधानमंत्री का आधिकारिक निवास है। इसमें प्रधानमंत्री का निजी आवासीय क्षेत्र, कार्यगृह, सभागृह एवं अतिथिशाला स्थित हैं। इसी लोक कल्याण मार्ग को पहले ७ रेस कोर्स रोड कहा जाता था।
लोक कल्याण मार्ग पर स्थित यह संपत्ति १२ एकड़ भूमि पर फैली हुई है, जिसमें कुल पाँच बंगले शामिल हैं। कुल मिला कर, इन पाँच भवनों, बगीचों तथा कुछ अन्य सामरिक संरचनाओं का यह समुच्च, भारतीय प्रधानमंत्री का आधिकारिक निवास तथा प्रमुख कार्यगार है।

इस संपत्ति में प्रधानमंत्री का निजी आवासीय क्षेत्र, कार्यगृह, सभागृह एवं अतिथिशाला स्थित हैं। यहाँ निवास करने वाले प्रथम् प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी थे। भारत के सप्तम् प्रधानमंत्री एवं राजीव गांधी के उत्तराधिकारी, प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह ने पहली बार इसे स्वयँ एवं भविष्य के प्रधानमंत्रियों के लिए आधिकारिक प्रधानमंत्री आवास निर्दिष्ट किया था।

अमूमन प्रधानमंत्रीगण अपने सारे आधिकारिक और राजनैतिक बैठकें यहीं किया करते हैं, हालाँकि, प्रधानमंत्री का आधिकारिक कार्यालय साउथ ब्लॉक, केंद्रीय सचिवालय में अवस्थित है, परंतु पंचवटी में भी प्रधानमंत्री के लिए एक कार्यगृह एवं सभागृह विद्यमान है, जहाँ प्रधानमंत्री यहीं रहते हुए अपने कार्यों का निर्वाह कर सकते हैं।

यह एक अतितीव्र-सुरक्षा क्षेत्र है और हर क्षण विशेष सुरक्षा दल या स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप के पहरे में रहता है। साधारण जनमानस का प्रवेश यहाँ पूर्णतः निषेध होता है।
लोक कल्याण मार्ग का नाम पूर्वकाल में रेस कोर्स रोड था। भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने पर बहुत सारे लोगों ने इस बात पर सवाल उठाया की भारतीय प्रधानमंत्री का निवास का पता या उसका नाम एक विदेशीपने का एहसास कराता है। सितंबर २०१६ में इसके नाम को एकात्म मार्ग करने का प्रस्ताव आया लेकिन अंतिम सहमति लोक कल्याण मार्ग नाम पर हुई। इसके पश्चात ७ रेस कोर्स रोड का नाम परिवर्तित कर लोक कल्याण मार्ग कर दिया गया था, जिसके बाद इसका वर्त्तमान पता ७ लोक कल्याण मार्ग होगया।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी अपनी माताजी के साथ
पंचवटी, जो लोक कल्याण मार्ग पर स्थित है, भारत की लगभग एक १४० करोड़ जनता के नेतृत्व करने वाले व्यक्ति का आवास है। भारत में सैकड़ों ऐसे महान किले, राज महल और बंगले हैं जो स्थापत्य कला, सुंदरता एवं कीमत की दृष्टि से पंचवटी के मुकाबले हजारों गुना ज्यादा भाव रखते हैं लेकिन जो शक्ति इस निवास में है, वह पूरे उपमहाद्वीप में कहीं नहीं। भारत के प्रधानमंत्री का आधिकारिक आवास होना इसे विश्व के तीन सबसे शक्तिशाली निवास में एक बनाता है।