ट्रिपल मर्डर में देवर निकला भाभी और दो मासूम भतीजियो का हत्यारा आनलाईन सट्टा और कर्ज ने बनाया हत्यारा भाभी के तानों से था देवर नाराज
By Rishi, 01:07:00 PM | August 01

सागर । संभागीय मुख्यालय सागर पर हुए सनसनीखेज ट्रिपल मर्डर केस का पुलिस ने खुलासा कर लिया है। इसमें देवर ही हत्या का मुख्य आरोपी निकला। पीडब्ल्यूडी विभाग के कर्मचारी को आनलाईन सट्टा के शौक ने कर्जदार बना दिया था। इसको लेकर भाभी और परिजन ताना भी देते थे। इससे तंग आकर उसने अपनी भाभी और दो मासूम भतीजियो की निर्मम हत्या कर दी। प्रभारी एसपी डा संजीव कुमार, एएसपी लोकेश सिन्हा ने आज मीडिया के सामने पूरा खुलासा किया।
रात में मिले थे खून से लथपथ शव -
सागर के सिविल लाईन थाना क्षेत्र में पुलिस कंट्रोल रूम के पास मंगलवार देर रात तीन मंजिला मकान में वंदना (32), बड़ी बेटी अवंति (8) और छोटी बेटी अन्विका (3) के शव मिले थे। जिला हॉस्पिटल में कंप्यूटर आपरेटर विशेष पटेल ने रात में जब घर पहुंचा तो दरवाजे खुले मिले। अंदर देखा तो उसकी पत्नी व बड़ी बेटी की लाश किचिन और छोटी बेटी की लाश बेडरूम में नीचे पड़ी थी। तीनों के सिर से खून बह रहा था। घटना स्थल को देख प्रतीत हो रहा है कि सिर दीवार में मारने के साथ किसी धारदार हथियार व पेंचकश से सिर गले व शरीर के अन्य हिस्सों में ताबड़तोड़ वार किए गए। इसकी सूचना मिलते ही आईजी प्रमोद वर्मा, डीआईजी सुनील कुमार, प्रभारी एसपी डॉ. संजीव उईके और फिंगर प्रिंट एवं सायबर टीम सहित अन्य पुलिस अधिकारियों के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। प्रथम दृष्टया देखने पर किसी नुकीले एवं धारदार हथियार से तीनों को चोटे पहुंचा कर हत्या का अपराध घटित करना पाया गया। घटना क्रम से पूरे शहर में सनसनी फेल गई। घटना अत्यंत गंभीर एवं झकझोर देने वाली थी ।
देवर ही निकला हत्यारा -
प्रभारी एसपी संजीव कुमार ने मीडिया को बताया कि शुरुआत में ही लग रहा था कि वारदात में किसी परिचित ने अंजाम दिया है। पुलिस ने पति विशेष पटेल, उसके देवर प्रवेश पटेल और उसके दोस्त प्रकाश पटेल की मोबाइल लोकेशन को ट्रेस करते हुए पूछताछ शुरू की। इसमें देवर प्रवेश पटेल की लोकेशन वारदात के दिन दमोह की जगह सागर की मिली। जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो विशेष ने हत्या करना स्वीकार कर लिया। प्रवेश को अपने पिता की मृत्यु पर पीडब्ल्यूडी विभाग में अनुकम्पा नौकरी मिली थी। लेकिन वह सट्टा और आन लाईन सट्टा का शौकीन था। उसकी आदतें भी खराब थी। शादी के बाद वह दमोह में रहने लगा था। उसकी आदतों के कारण अक्सर विवाद होता था। उसकी मां और भाभी ताने भी मारती थी।
भाभी से हुआ झगड़ा -
आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसके ऊपर कर्ज था। इसी को लेकर वह अपने दोस्त प्रकाश पटेल के साथ स्कूटी से वारदात के दिन सागर आया। प्रवेश पटेल की भाभी द्वारा और पैसे न देने पर और पहले से आरोपी को दिए हुए पैसे के बारे आरोपी को ताने मारने पर दोनो के बीच हाथापाई हो गई। इस दौरान गुस्से में आरोपी ने वही किचन में रखे हंसिया से अपनी भाभी वंदना को 4-5 वार कर के मार दिया । वही खडी बड़ी भतीजी अवंतिका बीच-बचाव कर रही थी एवं रो रही थी। आरोपी ने अपनी पहचान होने के डर से उसी हंसिए से गले में 7-8 वार कर के मौके पर ही मार दिया। बगल वाले बेडरूम में छोटी भतीजी रो रही थी उसे भी पास में रखे पत्थर के बट्टे से माथे एवं सिर में चोट पहुंचा कर मार दिया।
सोने चांदी के जेवर लेकर और भाई के कपड़े पहनकर निकला हत्यारा -
वारदात के बाद घटना स्थल पर रक्त रंजित डोरमेट, घटना के समय पहनी हुई टी-शर्ट और हंसिया बाथरूम में रखी पानी की बाल्टी में डाल कर और अलमारी से अपने भाई के कपडें निकाल कर पहन कर अलमारी में रखा सोने का हार, चांदी के जेवर और 10 हजार रुपए नगदी लेकर दूसरे पीछे के दरवाजे से भाग गया। आरोपी द्वारा लूटे गये जेवरात जा कर अपने साथी आरोपी प्रकाश पटेल को दिए थे । प्रकाश ने इनको बेचने की कोशिश की। प्रकरण में प्रकाश पटेल को भी आरोपी बनाया गया है ।
ससुराल वालो के लगाए आरोपों की जांच जारी -
प्रभारी एसपी ने बताया कि ससुराल वालो ने पति और मां पर भी हत्या का शक जताया था। इसकी जांच की जा रही है। ट्रिपल मर्डर केस में अभी किसी भी संदेही व्यक्ति को क्लीन चिट नही दी गई है। पुलिस ने घटना समय की टी-शर्ट, लोवर, डोरमेट, घटना में प्रयुक्त हंसिया, पत्थर का बट्टा, एक सोने का हार, चांदी की 4 चुडिया, नगदी 10000/- और एक्टीवा गाडी जब्त की है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
ये है आरोपी -
इस निर्मम हत्याकांड में पुलिस ने दो आरोपी प्रवेश पटेल उम्र 30 वर्ष निवासी नेपाल पैलेस कॉलोनी हाल निवासी ग्राम सरखेड़ी जिला दमोह और प्रकाश पटैल उम्र 27 साल निवासी अहमद नगर, सागर को आरोपी बनाया है।
सराहनीय योगदान-
इस हत्याकान्ड को सुलझाने में आरोपियों की गिरफ्तारी एवं पतारसी में वरिष्ठ अधिकारीयों के मार्ग दर्शन में विभिन्न प्रकार की 10 टीमें गठित की गई थी। प्रत्येक टीम में निरीक्षक एवं उपनिरीक्षक स्तर के अधिकारीयों द्वारा नेतृत्व किया गया है । जिनमें निरीक्षकगण नवीन जैन, रोहित डोंगरे, उमेश यादव, अजय भदोरिया, लखन लाल उईके, रविन्द्र सिकरवार, मनीष सिंघल, जसवंत राजपूत, शिवम दुबे एवं सौरभ रैकवार, आशीष तिवारी, अंकित गुरु व अन्य कर्मचारियों का सराहनीय योगदान रहा जिन्हे वरिष्ठ अधिकारीयों द्वारा उचित ईनाम दिया जायेगा।