सीतापुर फिर पहले रिकॉर्ड, नौ सीटों में भयंकर वोट
By Anuj Shukla, 11:11:47 AM | February 24

सीतापुर (उत्तरप्रदेश) वोटिंग प्रक्रिया बुधवार को विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र चयन में पूरी की गई है। सुबह से रात तक, मतदान के प्रतिशत में उतार-चढ़ाव होता है।
यदि आप रात में पात्रों के अनुमानों को देखते हैं, तो लगभग 66.85 प्रतिशत मतदाताओं ने फ्रेंचाइजी का उपयोग किया है। हालांकि, यह संख्या भी कम हो सकती है।
मतदान के बारे में अच्छी बात यह है कि सीतापुर रीजेंसी मतदाता पहले ग्रेड में वापस आ गए। टीस ने कहा है कि यदि संख्या में संख्याएं जारी की जाती हैं तो हमने अपने पिछले रिकॉर्ड को याद किया।
जिला सरकार ने 9 पर मतदान संख्या प्रस्तुत की है कि यह स्पष्ट हो जाता है कि पहले एक रिकॉर्ड, हम वहां नहीं पहुंच सकते हैं। आखिरी चुनाव 2017 में 68.58 प्रतिशत मतदान था।
इस बार, इस समय, बहुत अच्छे मतदाताओं की सूची से छोटे संशोधन अभियान में युवा लोगों की भागीदारी और युवा मतदाताओं की संख्या में भी वृद्धि हुई, लेकिन चुनावों का प्रतिशत क्या कारण है जिले से पिछले वर्ष की तुलना में 1.73 प्रतिशत की कमी आई।
निर्वाचन आयोग की शत-प्रतिशत मतदान वाली मुहिम भी बहुत असरदार नहीं दिखी। स्वीप (सुव्यवस्थित मतदाता शिक्षा एवं निर्वाचक सहभागिता) के जागरुकता संबंधी कार्यक्रमों का असर नहीं हुआ या कहा जाए
मतदाताओं ने वोटिंग में जानबूझकर रुचि नहीं दिखाई। खैर, कुछ भी हो तमाम सवालों ने जन्म ले लिया है और मतदान प्रतिशत में वृद्धि नहीं हुई उलटे कमी आई है।
बिसवां में भी कम हुआ मतदान :
जिले में विधान सभा की कुल नौ सीटें हैं। मतदान में बड़ी बात ये देखने को मिली कि हमारे सीतापुर सदर की सीट पर 2022 में भी अन्य सीटों की अपेक्षा सबसे कम मतदान हुआ।
पिछले चुनाव की तुलना में बिसवां विधान सभा क्षेत्र में भी कम मतदान हुआ लेकिन, बिसवां क्षेत्र के मतदाता वोटिग करने में अन्य सीटों की अपेक्षा बेहतर रहे हैं।
2017 के चुनाव में वोटिग में टाप पर था महमूदाबाद :
2017 के विधान सभा निर्वाचन में जिले में कुल 29,59,058 मतदाता थे। पिछले रिकार्ड से पता चलता है कि उस चुनाव में कुल 20,29,286 मतदाताओं ने अपने उम्मीवारों को चुना था। अर्थात कुल 68.58 प्रतिशत मतदान 2017 में हुआ था।
इसमें महमूदाबाद में सबसे अधिक 72.32 प्रतिशत मतदान हुआ था, जबकि इस बार शाम सात बजे तक महमूदाबाद में मतदान प्रतिशत 68.61 होना बताया गया।
सदर सीट 22 के चुनाव में भी रही फिसड्डी :
निर्वाचन आयोग के जागरूकता संबंधी जो भी कार्यक्रम हुए, वह शहरी क्षेत्र में ही हुए हैं। इसके बाद भी यहां 2022 के चुनाव में भी वोटिग प्रतिशत को जिला प्रशासन बढ़ाने में असफल ही रहा है।
यही नहीं, जिला प्रशासन के जागरुकता वाले कार्यक्रम पिछले चुनाव के मतदान प्रतिशत को छू भी नहीं पाए हैं। 2017 के चुनाव में सीतापुर सदर सीट पर कुल 61.70 मतदान हुआ था,
जबकि इस बार कुल 59.74 प्रतिशत वोटिग होने की बात जिला प्रशासन ने कही है।
विस क्षेत्र के चुनाव में वोटिग प्रतिशत
विस क्षेत्र- 2017 में - 2022 में
महोली - 68.59 - 66.26
सीतापुर - 61.70- 59.74
हरगांव - 71.26 - 68.78
लहरपुर - 67.51 - 67.57
बिसवां - 71.82 - 70.33
सेवता - 72.25 - 70.10
महमूदाबाद- 72.32 - 68.61
सिधौली - 70.62 - 68.61
मिश्रिख - 63.61 - 61.70
कुल - 68.58 - 66.85
नोट-2022 के मतदान आंकड़े अनंतिम हैं। बोले मतदाता ..
हमने सुबह ही वोट कर दिया था। फिर परिवार के लोगों को बूथ पर ले जाकर वोट कराया। पड़ोसियों से भी वोट करने के लिए प्रेरित किया और वह लोग भी बूथ पर जाकर वोट किए हैं।
नई बस्ती सीतापुर हम मानते हैं कि जितना बेहतर वोटिग प्रतिशत होगा, चुनाव उतना ही असरदार रहेगा। इसलिए मतदान में कंजूसी नहीं हुई और पहले मतदान फिर कोई दूसरा काम वाला फार्मूला अपनाया।